सूर्यताप का वितरण एवं ऊष्मा संतुलन atmosphere temperature insulation distribution of insolation and heat

सामान्य परिचय

धरातल पर समस्त जैविक एवं अजैविक क्रियाकलापों का स्त्रोत सौर ऊर्जा है सूर्य से प्रकाश एवं ऊष्मा के रूप में जो ऊर्जा पृथ्वी को प्राप्त होती है उसे सूर्यताप सूर्य भिताप सौर ऊर्जा और शक्ति या सौर विकिरण कहते हैं Insolation शब्द 3 शब्दों से मिलकर बना है-. in (incoming)+sol (solar) +Ation (radiation) जिसका अभिप्राय है पृथ्वी पर आने वाला सौर विकिरण केंडू के अनुसार सूर्य द्वारा अंतरिक्ष में निरंतर विकिरण की जाने वाली संश्लिष्ट उर्जा को ही सूर्यताप कहते हैं ट्री वार्थ के शब्दों में लघु तरंगों के रूप में संचालित और 186000 मील प्रति सेकंड की गति से भ्रमण करती हुई प्राप्त सौर ऊर्जा को सौर विकिरण या सूर्यताप कहते हैं सारांश रूप में हम कहा सकते हैं कि सूर्य द्वारा लघु तरंगों के रूप में विसर्जन होने वाली विकिरण ऊर्जा जो प्रकाश की गति से पृथ्वी पर पहुंचती है उसे सूर्यताप कहते हैं

Comments

Popular posts from this blog

कोपेन का जलवायु वर्गीकरण (KOPPEN'SCLASSIFICATION OF WORLD CLIMATES)

Thornweight's World Climate Classification (THORNTHWAITE'S CLASSIFICATION OF WORLD CLIMATES) In English

Aeration वायुराशियों के वाताग्र या सीमान्त